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अति तीव्र स्पेक्ट्रोस्कोपी

फ्लैश प्रकाश-अपघटन

फ्लैश प्रकाश-अपघटन का सिद्धांत फेमटोसेकंड क्षणिक अवशोषण जैसा है, लेकिन विलंब नैनो–माइक्रोसेकंड में होता है।

उत्पाद परिचय

फ्लैश प्रकाश-अपघटन क्या है?

फ्लैश प्रकाश-अपघटन प्रयोग आणविक तंत्रों की दीर्घजीवी अवस्थाएँ मापने के लिए अभिकल्पित है। इसका उपयोग कार्बनिक अणुओं, बहुलकों, नैनोकणों और अर्धचालकों में प्रकाश-प्रेरित प्रक्रियाओं के साथ-साथ पौधों और अन्य जैविक तंत्रों में प्रकाशसंश्लेषण तथा प्रकाश-प्रेरित संरूपण परिवर्तनों के अध्ययन के लिए किया जाता है। सिद्धांत फेमटोसेकंड क्षणिक अवशोषण के अनुरूप है, किंतु विलंब नैनोसेकंड–माइक्रोसेकंड परास में होता है। फेमटोसेकंड TA में विलंब यांत्रिक स्टेज से निर्धारित होता है; यहाँ विलंबित प्रोब इलेक्ट्रॉनिक रूप से ट्रिगर किए गए बाह्य प्रोब लेज़र से आता है।

यह कैसे मापा जाता है

HARPIA-TA वैकल्पिक फ्लैश-प्रकाश-अपघटन विस्तार प्रदान करता है। CARBIDE और PHAROS लेज़रों की प्रकाशिक स्थिरता, घटा हुआ इलेक्ट्रॉनिक जिटर, तथा अनुरेखों का सावधानीपूर्वक विश्लेषण उप-10 ns कालिक विभेदन का समर्थन करते हैं। HARPIA-TA-FP मॉड्यूल से अर्जित, विलयन में meso-tetraphenylporphine की नैनोसेकंड स्पेक्ट्रल गतिकी। मापन स्थितियाँ: 1.8 kHz, 343 nm पंप, 5.4 μJ पंप ऊर्जा।

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