अरेखीय और चरम प्रकाश उत्पादन
अरेखीय प्रकाशिकी
अरेखीय प्रकाशिकी का मुख्य लक्ष्य नए सुसंगत ब्रॉडबैंड स्रोत और पल्स संपीड़न विधियाँ हैं।
उत्पाद परिचय
यह क्षेत्र क्या अध्ययन करता है
अरेखीय प्रकाशिकी प्रकाशिकी की वह शाखा है जो विविध प्रकार की प्रकाशिक अरेखीयताओं से संबंधित है, जिसका उद्देश्य नए और दक्ष अरेखीय पदार्थों की पहचान करना है। रुचि के पदार्थों में लेज़र-सक्रिय माध्यम, अर्धचालक, फोटोनिक क्रिस्टल और अन्य सम्मिलित हैं, जिनमें उच्च-तीव्रता अथवा उच्च-पुनरावृत्ति-दर अति लघु प्रकाश पल्सों द्वारा एकल और बहु फिलामेंटेशन व्यवस्थाओं में प्रेरित चरम प्रकाश-द्रव्य अन्योन्यक्रियाओं को धारण करने की क्षमता हो सकती है।
स्रोतों के लिए यह क्यों महत्त्वपूर्ण है
अरेखीय प्रकाशिकी सुसंगत व्यापक-बैंडविड्थ प्रकाश स्रोतों, पल्स संपीड़न तकनीकों, तथा विस्तृत-एपर्चर प्रकार्यात्मक पदार्थों में तीव्र प्रकाश पल्सों के स्व-क्रिया प्रभावों पर आधारित सुसंगत व्यापक-बैंडविड्थ विकिरण की जनरेशन के विकास के लिए आवश्यक है।
प्रयुक्त लेज़र
CARBIDE और PHAROS फेमटोसेकंड लेज़र, FLINT ऑसिलेटर, तथा ऑप्टिकल पैरामीट्रिक चर्प्ड-पल्स प्रवर्धन (OPCPA) सिस्टम अरेखीय परिघटनाओं के अन्वेषण में व्यापक रूप से प्रयुक्त होते हैं।



