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लेज़र स्रोत विकास

ऑप्टिकल पैरामीट्रिक चर्प्ड-पल्स प्रवर्धन

OPCPA वर्तमान में एकमात्र तकनीक है जो उच्च शिखर व औसत शक्ति और कुछ-चक्र पल्स अवधि एक साथ देती है।

उत्पाद परिचय

CPA से OPCPA तक

2018 का नोबेल पुरस्कार प्राप्त चर्प्ड पल्स प्रवर्धन (CPA) तकनीक ने उच्च-ऊर्जा लेज़रों के लिए अति लघु लेज़र विज्ञान के संपूर्ण क्षेत्र में क्रांति ला दी है। CPA तकनीक लेसिंग माध्यम को प्रकाशिक क्षति से बचाते हुए अति लघु पल्सों की शक्ति बढ़ाने के लिए अभिप्रेत है। वर्तमान में यह आधुनिक अति लघु पल्स लेज़र एम्पलीफायर सिस्टमों में व्यापक रूप से प्रयुक्त होती है, चाहे वे CARBIDE और PHAROS लेज़र जैसे कॉम्पैक्ट लेज़र सिस्टम हों, अथवा वृहत पेटावाट शिखर-शक्ति लेज़र सिस्टम। तथापि अनेक वैज्ञानिक अनुप्रयोगों को भिन्न स्पेक्ट्रल परिसरों में उच्च-तीव्रता पल्स अपेक्षित होते हैं, जिसके फलस्वरूप ऑप्टिकल पैरामीट्रिक चर्प्ड-पल्स प्रवर्धन (OPCPA) का विकास हुआ।

OPCPA का उपयोग कैसे किया जाता है

चर्प्ड पल्सों के स्ट्रेचिंग, प्रवर्धन और संपीड़न पर ऑप्टिकल पैरामीट्रिक एम्पलीफायर (OPA) में प्रथम प्रूफ-ऑफ-कॉन्सेप्ट प्रयोग 1992 में Prof. A. Piskarskas के नेतृत्व में Vilnius University के एक शोध समूह द्वारा प्रदर्शित किया गया था। यह प्रस्तावित किया गया कि OPA में चर्प्ड एवं स्ट्रेच्ड सिग्नलों के प्रवर्धन हेतु उच्च-ऊर्जा पंप पल्सों का उपयोग फेमटोसेकंड पल्सों की शक्ति को टेरावाट स्तर तक बढ़ाने देगा। तभी से ऑप्टिकल पैरामीट्रिक चर्प्ड-पल्स प्रवर्धन (OPCPA) उच्च-शक्ति फेमटोसेकंड पल्स जनरेशन के लिए व्यापक रूप से मान्यता प्राप्त तथा तीव्र गति से विकसित हो रही प्रवर्धन तकनीक बन गई है, जिसके सिस्टम अब पेटावाट शिखर शक्तियों तक पहुँच चुके हैं। OPCPA तकनीक न केवल अतिउच्च शक्ति पल्स उत्पन्न करती है, अपितु अत्यंत लघु (कुछ-चक्र) पल्स भी उत्पन्न करती है, जो दृश्य (VIS), निकट-अवरक्त (NIR) तथा मध्य-अवरक्त (MIR) स्पेक्ट्रल परिसरों में प्रायोगिक रूप से प्राप्त किए गए हैं। वर्तमान में OPCPA एकमात्र लेज़र तकनीक है जो सर्वाधिक कठिन वैज्ञानिक अनुप्रयोगों द्वारा अपेक्षित उच्च शिखर एवं औसत शक्ति तथा कुछ-चक्र पल्स अवधि एक साथ प्रदान करती है।

फ्रंट-एंड के रूप में ORPHEUS-OPCPA

स्वाभाविक रूप से उच्च-कंट्रास्ट निर्गम पल्सों के कारण ऑप्टिकल पैरामीट्रिक चर्प्ड-पल्स प्रवर्धन (OPCPA) सिस्टमों को अनेक अति-उच्च तीव्रता लेज़रों में फ्रंट-एंड के रूप में भी अपनाया गया है, जो अन्य कालिक कंट्रास्ट संवर्धन तकनीकों की तुलना में कुछ लाभ प्रदान करते हैं। ऑप्टिकल पैरामीट्रिक एम्पलीफायरों के पश्चात् अपेक्षाकृत उच्च कंट्रास्ट वाले पल्स तत्पश्चात् लेज़र एम्पलीफायरों में अति-उच्च ऊर्जाओं तक और आगे प्रवर्धित किए जाते हैं। CARBIDE और PHAROS लेज़रों की स्थिरता से लाभान्वित होकर ORPHEUS-OPCPA मानक पैरामीट्रिक एम्पलीफायरों जितने ही कॉम्पैक्ट पैकेज में कुछ-चक्र, CEP-स्थिर पल्स प्रदान करता है। ORPHEUS-OPCPA बड़े एम्पलीफायरों के लिए सीड स्रोत का भी कार्य कर सकता है, जो निकट-एकल-चक्र बैंडविड्थ, उत्कृष्ट स्पेक्ट्रल फेज सुसंगति और CEP स्थिरता वाले पृष्ठभूमि-मुक्त पल्स प्रदान करता है।

ELI-ALPS पर SYLOS

एक अन्य OPCPA विशेष आकर्षण ELI-ALPS (Extreme Light Infrastructure Attosecond Light Pulse Source) का SYLOS एकल-चक्र लेज़र है। SYLOS लेज़र सिस्टम PHAROS फेमटोसेकंड लेज़र तथा एक पिकोसेकंड लेज़र द्वारा चालित OPCPA सिस्टमों पर आधारित है। कार्य सिद्धांत में PHAROS लेज़र द्वारा दो फेमटोसेकंड OPA की पंपिंग सम्मिलित है। प्रथम OPA 1.3 µm पर एक निष्क्रिय रूप से CEP-स्थिर पल्स उत्पन्न करता है, ताकि CEP-स्थिर श्वेत-प्रकाश सातत्य जनित हो। साथ ही द्वितीय OPA 700–1000 nm स्पेक्ट्रल परिसर में श्वेत-प्रकाश सातत्य का प्रवर्धन करता है, जिससे उत्तरवर्ती ऑप्टिकल पैरामीट्रिक चर्प्ड-पल्स प्रवर्धन चरणों के लिए उच्च-कंट्रास्ट सीड पल्स प्राप्त होता है। 50 mJ पल्स ऊर्जा तक प्रवर्धित तथा 850 nm तरंगदैर्घ्य पर केंद्रित यह पल्स काँच खंडों और चर्प्ड दर्पणों के अनुक्रम में 10 fs पल्स अवधि तक संपीड़ित किया जाता है। इसका उत्तरवर्ती, SYLOS 3 लेज़र सिस्टम, लगभग 120 mJ पल्स प्रदान करता है, जिनकी CEP स्थिरता 250 mrad से कम तथा पल्स ऊर्जा स्थिरता 1% से कम है।

SYLOS 3

SYLOS 3 – उच्च-तीव्रता लेज़र सिस्टम।

किस सिस्टम का उपयोग किया जाए

ऐसे तथा इसी प्रकार के उच्च-ऊर्जा OPCPA सिस्टमों हेतु OPCPA-HE का संदर्भ लें। यदि उच्च पुनरावृत्ति दर वांछित हो, तो ORPHEUS-OPCPA का संदर्भ लें।

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